Entertainment Software Association (ESA) ने अपनी 2025 Global Power of Play रिपोर्ट पब्लिश की है, जिसमें यह जांचा गया है कि वीडियो गेम्स दुनिया भर में प्लेयर्स की लाइफ को कैसे शेप करते हैं। इस स्टडी में 21 देशों के 24,000 से ज्यादा एक्टिव प्लेयर्स का सर्वे किया गया, जिसे इंटरनेशनल गेमिंग एसोसिएशन और रिसर्च फर्म AudienceNet के सपोर्ट से कंडक्ट किया गया। डेटा से पता चलता है कि गेमिंग सभी एज ग्रुप्स में सोशल, इमोशनल और मेंटल बेनिफिट्स देती है, जो सिर्फ एंटरटेनमेंट से कहीं आगे है।
वीडियो गेम्स अब ग्लोबली एंटरटेनमेंट के सबसे पॉपुलर फॉर्म्स में से एक हैं, और यह रिसर्च उनके गहरे इम्पैक्ट को दिखाती है। ESA के प्रेसिडेंट और CEO, Stanley Pierre-Louis ने जोर देकर कहा कि ये फाइंडिंग्स कन्फर्म करती हैं कि गेम्स "सिर्फ फन से कहीं ज्यादा हैं," और ये ग्लोबल कनेक्शंस बनाने और मेंटल वेलबीइंग को सपोर्ट करने में अहम रोल निभाते हैं।

Video Games Boost Mental Wellbeing: मानसिक स्वास्थ्य में सुधार

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स्ट्रेस रिलीफ और मेंटल स्टिमुलेशन के लिए गेमिंग एक टूल के रूप में
दुनिया भर के प्लेयर्स मुख्य रूप से फन के लिए, डीकंप्रेस होने और अपने दिमाग को एक्सरसाइज देने के लिए गेम्स की ओर रुख करते हैं। ग्लोबल रिस्पोंडेंट्स में से लगभग दो-तिहाई ने फन को अपनी प्राइमरी मोटिवेशन बताया, जबकि 58 प्रतिशत लोग खास तौर पर स्ट्रेस लेवल कम करने के लिए गेमिंग करते हैं। लगभग आधे लोगों ने मेंटल स्टिमुलेशन को एक ड्राइविंग फैक्टर माना है।
फाइंडिंग्स दिखाती हैं कि गेम्स इमोशनल हेल्थ में एक मेजरेबल डिफरेंस लाते हैं। तीन-चौथाई से ज्यादा प्लेयर्स ने रिपोर्ट किया कि गेमिंग सेशन के बाद वे कम स्ट्रेस्ड महसूस करते हैं, और 70 प्रतिशत ने एंग्जायटी में कमी महसूस की। करीब 64 प्रतिशत ने कहा कि वीडियो गेम्स कनेक्शन के मौके बनाकर अकेलेपन (loneliness) से लड़ने में मदद करते हैं। U.S. रिस्पोंडेंट्स ने भी इन ट्रेंड्स को दोहराया, जहाँ 75 प्रतिशत ने गेमिंग से स्ट्रेस लेवल कम होने की बात कही।
प्लेयर्स यह भी मानते हैं कि गेम्स फोकस और कॉग्निटिव फंक्शन को शार्प करने वाले टूल्स हैं। 80 प्रतिशत से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स ने कहा कि गेम्स उनके दिमाग को एंगेज रखते हैं, जबकि लगभग इतने ही लोग मानते हैं कि गेम्स एबिलिटी लेवल की परवाह किए बिना एक्सेसिबल एक्सपीरियंस ऑफर करते हैं।

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स्किल डेवलपमेंट और रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन्स
यह रिपोर्ट उन ठोस फायदों (tangible benefits) को डॉक्यूमेंट करती है जो एजुकेशन और करियर में काम आते हैं। लगभग 77 प्रतिशत पार्टिसिपेंट्स ने कहा कि वीडियो गेम्स क्रिएटिविटी को बूस्ट करते हैं, जबकि अन्य ने प्रॉब्लम-सॉल्विंग, टीमवर्क और अडैप्टेबिलिटी में सुधार नोट किया। U.S. प्लेयर्स ने सबसे ज्यादा अडैप्टेबिलिटी, कल्चरल अवेयरनेस और कम्युनिकेशन स्किल्स में सुधार का जिक्र किया।
सर्वे में शामिल आधे प्लेयर्स ने कहा कि गेमिंग ने सीधे तौर पर उनके प्रोफेशनल या एजुकेशनल प्रोग्रेस में योगदान दिया, चाहे वह बेहतर टेक्निकल एबिलिटीज के जरिए हो या करियर डायरेक्शन के जरिए। स्पोर्ट्स गेम्स ने खास तौर पर ठोस असर दिखाया — आधे से ज्यादा रिस्पोंडेंट्स ने दावा किया कि वर्चुअल गेमप्ले ने उन स्पोर्ट्स में उनके रियल-वर्ल्ड परफॉर्मेंस को बेहतर बनाया।

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प्ले के जरिए कनेक्शन और कम्युनिटी
गेमिंग संस्कृतियों के बीच सोशल कनेक्शन के लिए एक पावरफुल फोर्स बनी हुई है। दुनिया भर में लगभग 62 प्रतिशत प्लेयर्स ने कहा कि वीडियो गेम्स दूसरों के साथ पॉजिटिव इंटरेक्शन को बढ़ावा देते हैं। 16 से 35 साल के बीच के यंगर प्लेयर्स ने गेमिंग के जरिए मीनिंगफुल फ्रेंडशिप या रिलेशनशिप बनाने की बात सबसे ज्यादा कही। उस एज ग्रुप के लगभग तीन-चौथाई लोगों ने कहा कि गेमिंग दूसरों के साथ कनेक्टेड रहकर अकेलेपन को कम करती है।
गेमिंग का फैमिली डायमेंशन भी काफी अहम है। आधे से ज्यादा ग्लोबल प्लेयर्स ने रिपोर्ट किया कि वीडियो गेम्स उनके बच्चों के साथ उनके रिश्तों पर पॉजिटिव असर डालते हैं, और ज्यादातर पेरेंट्स महीने में कम से कम एक बार अपने बच्चों के साथ गेमिंग करते हैं। अमेरिकन प्लेयर्स ने भी फैमिली एंगेजमेंट में ऐसे ही पैटर्न दिखाए।

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मॉडर्न गेमर कौन है?
ग्लोबल एवरेज प्लेयर एज 41 है, जो गेमिंग की ब्रॉड डेमोग्राफिक अपील को दर्शाता है। स्टडी में जेंडर पैरिटी के करीब आंकड़े मिले, जिसमें दुनिया भर में 51 प्रतिशत मेल और 48 प्रतिशत फीमेल प्लेयर्स हैं। ब्राजील और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में, गेमर्स के बीच महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है।
मोबाइल डिवाइसेस सबसे कॉमन गेमिंग प्लेटफॉर्म के रूप में डोमिनेट करते हैं, जिसमें 55 प्रतिशत रिस्पोंडेंट्स स्मार्टफोन या टैबलेट पर खेलते हैं। एक्शन और पजल गेम्स लगभग सभी पार्टिसिपेटिंग देशों में सबसे पॉपुलर जॉनर (genres) बनकर उभरे हैं, जो गेमप्ले एक्सपीरियंस में शेयर्ड ग्लोबल प्रेफरेंस को दिखाते हैं।
Power of Play का व्यापक संदर्भ
Global Power of Play रिपोर्ट यह मजबूत करती है कि गेमिंग कैसे एक कल्चरल और सोशल फोर्स के रूप में इवॉल्व हो रही है। ESA, जो 1994 से U.S. गेमिंग इंडस्ट्री को रिप्रेजेंट कर रहा है, ने क्रिएटिविटी, लर्निंग और कनेक्शन को बढ़ावा देने में वीडियो गेम्स के रोल पर जोर दिया। तीन दशकों से ज्यादा की एडवोकेसी के बाद, एसोसिएशन यह डॉक्यूमेंट करना जारी रखे हुए है कि कैसे गेम्स दुनिया भर में मेंटल हेल्थ, एजुकेशन और इकोनॉमिक ग्रोथ में योगदान देते हैं।
पूरी 2025 Global Power of Play रिपोर्ट www.theesa.com/powerofplay पर उपलब्ध है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Global Power of Play रिपोर्ट क्या है? Global Power of Play रिपोर्ट Entertainment Software Association (ESA) और AudienceNet द्वारा कंडक्ट की गई एक वर्ल्डवाइड स्टडी है। यह जांचती है कि वीडियो गेम्स 21 देशों के प्लेयर्स के मेंटल हेल्थ, सोशल कनेक्शन और स्किल डेवलपमेंट को कैसे प्रभावित करते हैं।
सर्वे में कितने लोगों ने भाग लिया? स्टडी में 16 साल और उससे अधिक उम्र के 24,216 एक्टिव गेमर्स शामिल थे। हर पार्टिसिपेंट कंसोल, PC, मोबाइल डिवाइसेस या VR पर हर हफ्ते कम से कम एक घंटा वीडियो गेम्स खेलता है।
लोग वीडियो गेम्स क्यों खेलते हैं, इसके मुख्य कारण क्या हैं? ग्लोबली, प्लेयर्स ने फन करना, स्ट्रेस कम करना और अपने दिमाग को शार्प रखना अपनी गेमिंग की प्राइमरी मोटिवेशन बताया है।
वीडियो गेम्स मेंटल हेल्थ को कैसे प्रभावित करते हैं? डेटा दिखाता है कि 77 प्रतिशत प्लेयर्स गेमिंग सेशन के बाद कम स्ट्रेस्ड महसूस करते हैं, जबकि 70 प्रतिशत एंग्जायटी में कमी महसूस करते हैं। कई रिस्पोंडेंट्स ने यह भी कहा कि गेमिंग उन्हें दूसरों से कनेक्ट करके अकेलेपन का मुकाबला करने में मदद करती है।
क्या वीडियो गेम्स रियल-वर्ल्ड स्किल्स डेवलप करने में मदद करते हैं? हाँ। सभी रीजन्स के प्लेयर्स ने रिपोर्ट किया कि गेमिंग क्रिएटिविटी, प्रॉब्लम-सॉल्विंग, टीमवर्क और अडैप्टेबिलिटी को बेहतर बनाती है। कई रिस्पोंडेंट्स ने अपनी एजुकेशन और करियर पर गेम्स के पॉजिटिव असर का श्रेय दिया है।
रिपोर्ट किसने पब्लिश की? Entertainment Software Association (ESA), जो U.S. वीडियो गेम इंडस्ट्री को रिप्रेजेंट करती है, ने इंटरनेशनल गेमिंग ऑर्गेनाइजेशंस और रिसर्च फर्म AudienceNet के साथ मिलकर यह रिपोर्ट पब्लिश की है।








